अश्वत्थामा आज भी जिंदा है, श्री कृष्ण ने उन्हें कौन सा श्राप दिया था जाने पूरा रहस्या

क्या अश्वत्थामा अभी भी ज़िंदा हैं? जानें चौंका देने वाले रहस्‍य


अश्वत्थामा कौन था और उसकी कहानी

अश्वत्थामा महाभारत काल का वह व्यक्ति था जिसके बारे में माना जाता है की अश्वत्थामा आज भी जिंदा है। वह कौरवों और पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र था इनकी माता का नाम कृपा था जो शरद्वान की लड़की थी। अश्वत्थामा के जन्म के समय उसने अश्व के समान घोर शब्द किया इसके बाद आकाशवाणी हुई कि यह बालक अश्वत्थामा के नाम से प्रसिद्ध होगा। तब से  इसका नाम अश्वत्थामा पड़ गया अश्वत्थामा को रुद्र के ग्यारवें अवतार में से एक माना जाता है।

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इसने महाभारत में कौरवों की ओर से युद्ध किया था इस युद्ध में अश्वत्थामा कोरवों का सेनापति था लेकिन अपनी एक गलती के कारण इसे एक श्राप मिला जिसके कारण यह दुनिया खत्म होने तक यह जीवित रहेगा और भटकता रहेगा।



भगवान श्री कृष्ण का श्राप

भगवान श्री कृष्ण के द्वारा ही अश्वत्थामा को श्राप मिला था कि वह दुनिया खत्म होने तक जीवित रहेगा और भटकता रहेगा। अश्वत्थामा को श्राप मिलने के पीछे एक बहुत बड़ा कारण था महाभारत के युद्ध में गुरु द्रोणाचार्य का वध करने के लिए कृष्ण के द्वारा कहे जाने पर पांडवों ने झूठी अफवाह फैला दी थी कि अश्वत्थामा मर चुका है। यह सुनते ही गुरु द्रोणाचार्य शोक में डूब गए और पांडवों के मौका देखते ही द्रोणाचार्य का वध कर दिया। जब अश्वत्थामा को पता चला कि उसके पिता का छल से वध किया गया है तो उसने अपने पिता की छल से हुई हत्या का बदला लेने के लिए पांडव पुत्रों की हत्या कर दी उसने हत्या उस समय की थी जब सब सो रहे थे।

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अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर अर्जुन की बहू उत्तरा के गर्भ पर चला दिया था उस वक्त उत्तरा की गर्भ में अभिमन्यु का पुत्र परीक्षित था जो आगे चलकर पांडवों का उत्तराधिकारी बनता लेकिन गर्भ में पल रहा शिशु नष्ट हो चुका था इसलिए शिशु की हत्या से क्रोधित होकर श्री कृष्ण ने अश्वत्थामा को इतना भयानक श्राप दिया कि वह आज तक सिर पर घाव लिए भटक रहा है और अश्वत्थामा कलियुग तक अमर है।

अश्वत्थामा आज भी जिंदा है इसके पीछे कई कहानियाँ है 

मध्य प्रदेश में एक डॉक्टर ने यह दावा किया कि उसके पास एक मरीज आया था जिसके माथे पर कुष्ठ रोग था। फिर उस डॉक्टर ने उस व्यक्ति का इलाज किया कई औषधियों का प्रयोग किया लेकिन ठीक नहीं हुआ। डॉक्टर ने यह भी कहा कि वह घाव बहुत पुराना था जिसका इलाज नहीं हो सकता था। और जब डॉक्टर ने यह कहा कि क्या तुम अश्वत्थामा हो तो वह ज़ोर ज़ोर से हसने लगा और जब डॉक्टर दूसरी बार दवाई लगाने मुड़ा तो कुर्सी पर कोई नहीं था वह मरीज वहाँ से जा चुका था कहा जाता है कि यह सच्ची कहानी है।


क्या अश्वत्थामा अभी भी ज़िंदा हैं? जानें चौंका देने वाले रहस्‍य

आज भी जिंदा है अश्वत्थामा इसकी दूसरी प्रचलित कहानी यह है मध्य प्रदेश में स्थित असीरगढ़ किले में एक प्राचीन मंदिर है जो शिव को समर्पित है। कहा जाता है कि भगवान शिव के इस मंदिर में अश्वत्थामा हर दिन सबसे पहले पुजा करने आता है शिवलिंग में प्रतिदिन सुबह गुलाल और फूल अर्पित करके चला जाता है। आज भी यह एक रहस्या बना हुआ है इसके पीछे ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर तक आने का एक गुप्त रास्ता है जिससे अश्वत्थामा आकर यह शिव जी की पूजा करता है।

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किसी किसी को दिखता है अश्वत्थामा

अश्वत्थामा की कई कहानियां प्रचलित हैं फिर भी इन सब कहानियों के बाद कुछ ही लोगों को दिखाई देता है। अश्वत्थामा के बारे में कहा जाता है कि उसके पास इस तरह की शक्तियाँ थी जिससे वह कुछ को दिखाई देगा और कुछ को नहीं। अगर ऊपर की कहानियों को सच माना जाए तो अश्वत्थामा आज भी जिंदा है ऐसा हो सकता है और इसके सबूत भी हैं जो हमने आपको ऊपर बताए हैं।

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अश्वत्थामा आज भी जिंदा है, श्री कृष्ण ने उन्हें कौन सा श्राप दिया था जाने पूरा रहस्या अश्वत्थामा आज भी जिंदा है, श्री कृष्ण ने उन्हें कौन सा श्राप दिया था जाने पूरा रहस्या Reviewed by R. Kumar on 27 जुलाई Rating: 5

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